इसे रोकमानव तस्करी का कारोबार अब लगभग 150 अरब डॉलर का हो चुका है। कोविड के बाद बेरोजगारी और बढ़ती तस्करी ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। यह अब केवल यौन शोषण या जबरन श्रम तक सीमित नहीं, बल्कि नशीले पदार्थों, हथियारों और साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क से भी जुड़ गया है। ने के लिए जागरूकता, मजबूत कानून, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और डिजिटल माध्यमों की निगरानी को साथ लेकर चलना होगा।




